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रेलवे के निजीकरण के खिलाफ हुआ जन-आंदोलन का आगाज

कोटा 14 सितम्बर रेलवे के निजीकरण के खिलाफ ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन एवं वेस्ट सेंट्रल रेलवे एंप्लाइज यूनियन के तत्वाधान में आज से शुरू हुये जन-आंदोलन के प्रथम दिन कोटा मंडल की समस्त शाखाओं वैगन रिपेयर शाॅप-कोटा, तुगलकाबाद, भरतपुर, बयाना, गंगापुरसिटी, बांरा, बूंदी, रामगंजमंडी, शामगढ़, विक्रमगढ़ आलोट तथा कोटा प्राॅपर की टीआरडी, कैरिज एण्ड वैगन, कोटा लोको, ओपनलाईन शाखा, इंजीनियरिंग, डीआरएम शाखा द्वारा यूनियन कार्यकर्ताओं ने द्वार सभाओं का आयोजन किया।
इस अवसर पर यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने बताया कि कोरोना महामारी की आड़ में रेलवे बेचने का खेल चल रहा है। केंद्र सरकार रेलगाड़ियां रेलवे स्टेशन रेलवे कर्मचारियों के कार्यो एक-एक करके निजीकरण करती जा रही है आज यूनियन द्वारा रेल कर्मचारियों से संपर्क केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के बारे में चर्चा की। रेल को बिकने से बचाने के लिए हो रहे इस जन आंदोलन में सब रेलकर्मी एक मंच पर इकट्ठे होकर केंद्र सरकार की नीतियों का जोरदार विरोध करें।
श्री गालव ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 151 यात्री गाड़ियों को 109 रूटों पर प्राइवेट ऑपरेटर्स के द्वारा चलाई जाने रेलवे कल-कारखानों का निगमीकरण करने रेलवे स्टेशनों को उद्योगपतियों को बेचने एवं रेलवे कर्मचारियों के कार्यों को ठेकेदारों कराए जाने से नाराज रेल कर्मचारियों ने अब आम जनता को भी इस आंदोलन में शामिल करने का निर्णय लिया है। रेलवे के निजीकरण से रेल कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय होगा ही इसके साथ साथ रेलवे मैं दिन प्रतिदिन यात्रा करने वाले छात्रों महिलाओं ग्रामीण जनता आमजन और समाज के सभी वर्गों को के साथ.साथ रेलवे के माध्यम से अपना धंधा करके जीवन यापन करने वाले करोड़ों आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। जन-आंदोलन में शामिल करने के लिए बुद्धिजीवी वर्ग राज्य कर्मचारी संगठन पेंशनर्स एसोसिएशन श्रमिक संगठनों व्यापारिक संगठनों छात्र संगठन दैनिक यात्री संघ अल्पसंख्यक समुदाय एसटी एससी ओबीसी ग्रुप खिलाड़ियों छोटे उद्यमियों महिला वर्गों से संपर्क कर जन आंदोलन में जुड़ने की अपील की।

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