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सभी ट्रैकमैनो को पाॅच सामान की जगह आवश्यकतानुसार टूल्स लेकर ड्यूटी पर भेजा जाये। टूलबैग का वजन कम किया जाये। ट्रेकमैन्टेनर टारगेट वीक के आगाज में उठी मांग

कोटा 01 सितम्बर वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन द्वारा ट्रेक के रखवालों की समस्याओं के समाधान हेतु दिनांक 01 सितम्बर से 07 सितम्बर तक ट्रेकमैन्टेनर टारगेट वीक मनाया जा रहा है।
यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने बताया कि रेलवे में ट्रेक पर कार्य करने वाले ट्रेकमेन्टेनर की समस्याये दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जिससे ट्रेकमैनों के काफी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इसी संबंध में वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन द्वारा दिनांक 01 सितम्बर से 07 सितम्बर तक ट्रेकमैन्टेनर टारगेट वीक मनाया जायेगा। इस पूरे पश्चिम मध्य रेलवे के तीनों मंडलों कोटा, जबलपुर व भोपाल में कार्यरत ट्रेकमैन अपनी समस्याओं के निराकरण हेतु ट्रेकमैन्टनेर पिटिशन के माध्यम से हस्ताक्षर करेगें।
श्री गालव ने बताया कि ट्रेकमेन्टेनर टारगेट वीक का आजाग दिनांक 01 सितम्बर से किया जायेगा जिसमें प्रत्येक कार्यस्थल पर जाकर ट्रेकमैनों से पिटिशन पर हस्ताक्षर करवाये जायेगे तथा उनको जागरूक किया जा रहा है।
मुख्य मांगें:-

  1. समस्त ट्रैकमैन, पेट्रोलमैन, गेटमैन, कीमैन को सीयूजी फोन व वाॅकी-टाॅकी की सुविधा उपलब्ध करायी जाये।
  2. बड़ी संख्या में कार्य के दौरान रन ओवर के मामलों की रोकथाम हेतु ट्रैकमैनों को रक्षक जैसे सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराये जायें।
  3. जबरदस्ती दबाव डालकर, असुरक्षित कार्य करवाना बन्द किया जावे। सभी ट्रैकमैनो को रिस्क अलांउस 2700रू से बढ़ाकर 5000 रू. दिया जाये।
  4. प्रतिवर्ष कैलेण्डर तैयार करके 10 प्रतिषत इन्टेक के तहत ट्रैकमैनो का कैडर चेंज किया जाये एवं रिलीव भी किया जाये।
  5. इंजीनियरिंग कर्मचारियों से 08 घंटे प्रतिदिन के हिसाब से ज्यादा कार्य ना कराया जाये, निर्धारित कार्य के घंटों से अधिक कार्य कराये जाने पर ओवरटाइम का भुगतान किया जाये।
  6. ट्रैकमैनों के लिये विभागीय पदोन्नति परीक्षाओं का आयोजन समयब( किया जाये।
  7. ट्रैकमैनो को कार्यस्थल पर ही सुविधा पास/पी.टी.ओ. उपलब्ध कराया जाये।
  8. प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान के तहत कार्य स्थलों पर तथा आवासों पर षौचालय बनाये जाये।
  9. सभी गेटो पर गेटमैनो की ड्यूटी 12 घटे से घटाकर 08 घंटेे की जाये।
  10. सभी गेटो पर शौचालय, बिजली पंखा, पीने का पानी, शेड व अन्य सुविधायें उपलब्ध करायी जाये।
  11. गेटमैनो की असामाजिक तत्वों से सुरक्षा प्रदान करने हेतु सुरक्षा बलों की गष्त करायी जाये एवं सीसीटीवी लगाये जाये।
  12. भोजन अवकाश के समय को कार्य के नियमित घंटो से जोड़ा जाये। बात-बात पर दुव्र्यवहार व परेशान करना बंद किया जाये।
  13. महिला ट्रैकमैन कर्मचारियों को सभी आधारभूत सुविधायें उपलब्ध करायी जाये।
  14. सभी ट्रैकमैनो को पाॅच सामान की जगह आवश्यकतानुसार टूल्स लेकर ड्यूटी पर भेजा जाये। टूलबैग का वजन कम किया जाये।
  15. सभी टूल बाॅक्स को टूल रूम मे बदलकर वहाॅं लेटबाथ व रेस्ट हेतु शेड बनाये जायें।
  16. सभी ट्रैकमैनों को पात्रता के अनुसार सर्वसुविधायुक्त रेल आवास उपलब्ध करवायेे जायें।
  17. इंजीनियरिंग विभाग की सभी रिक्तियों को शीघ्र भरा जावें।
  18. लेवल-1/1800 ग्रेड के 50प्रतिशत ट्रैकमैनो को लेवल-02/1900 ग्रेड पे मे पदोन्नत कियाा जाये।
  19. ट्रैकमैनो को लेवल-6/4200 ग्रेड पे मे सीनियर ट्रैकमैन के पद पर पदोन्नति दी जाये।
  20. आरआरबी कोटे की सभी विभागों की 10 प्रतिशत रिक्तियों को एलडीसीई ओपन टू आॅल के तहत भरी जाये।
  21. रेलवे बोर्ड के आदेशानुसार समयब( तरीके से, जूते रेनकोट विण्टर जैकेट एलईडी टार्च, व अन्य प्रोटेक्टिव गीयर्स उपलब्ध कराये जाये।
  22. प्रत्येक गैंग में शिकायत पुस्तिका होनी चाहिये जिससे गैंगमैन अपनी शिकायत दर्ज करवा सकें।
  23. विद्यमान गेट कक्ष जहां लेवल क्रासिंग बंद कर दिये गये है उन्हैं टायलेट की सुविधा के साथ रेस्ट रूम में तब्दील किया जाये।
  24. प्रत्येक गैंग यूनिट के कार्यक्षेत्र में हर 1 या 2 किमी. पर पर्याप्त आकार का उचित एवं हल्के वजन का रेस्टिग शेड बनाया जाये।
  25. कार्य स्थल पर काम एवं रेस्ट के दौरान जो सुविधायें चाहिये जैसे टेंट,सिटिंग अरेंजमेंट आदि की व्यवस्था की जाये ।
  26. वर्तमान में कुछ गैंग यूनिट्स के पास टूल रूम है जबकि कुछ के पास टूल बाॅक्स सभी गैंग यूनिट्स के हेडक्वार्टर पर या उचित लोकेशन पर टूल रूम बनाये जायें जिसमें टूल्स रखने, बैठने के लिये पर्याप्त जगह हो तथा लाॅकर उपलब्ध हो जिनसे वे अपना निजी सामान एवं ड्यूटी के दौरान पहनने वाली यूनिफार्म रख सकें । इन ड्यूटी रूमों में बिजली कनेक्शन पंखे,ट्यूब लाईट, वेंटीलेशन, पीने का पानी एवं टायलेट सुविधा दी जाये ।
  27. एडीईएन लेवल पर एक मोनिटरिंग सिस्टम बनाया जाये जिससे कि ट्रेकमेन ग्रेड-।,।।,।।। व 4 मंे रिक्तियां उत्पन्न होते ही उन्हैं शीघ्र पदौन्नति द्वारा भरा जा सके ।
  28. सेक्शन के मध्य से निकटतम स्टेशन के पास गैंग क्वार्टरों को शिफ्ट करने के परिणाम स्वरूप अभी गैंग का कार्यक्षेत्र उनके निवास के मुख्यालय से 2.3 किमी. बाद शुरू होता है। ऐसी गैंग यूनिट्स के कार्यक्षेत्र की समीक्षा की जाये ।
  29. ट्रेकमेनों को आपातकालीन स्थिति में अपने हेडक्वार्टर से दूर जाना पड़ता है परंतु उन्हैं प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है अतः प्रशासन सुनिश्चित करे कि उन्हैं प्रोपर अथोरिटी/ड्यूटी पास जारी किये जायें जिससे वे सम्मानजनक तरीके से यात्रा कर सके।
  30. गैंग क्वार्टर्स वर्तमान में बुरी हालत में है तथा सुधार की आवश्यकता है सभी गैंग क्वार्टर्स के लिये डायरेक्ट बिल्डिंग मेन्टेनेंस;डीबीएमद्ध द्वारा रखरखाव कराये ।
  31. ट्रेकमेनों के रेल्वे क्वार्टर्स का एप्रोच रोड अच्छा करना, उचित ड्रेनेज व ओपन ड्रेनों पर कवर, समय पर व्हाईट/कलर वाश, खिडकियों में मच्छर जाली, किचन में रैक्स, कमरे में अलमीरा एवं गैंग क्वार्टरों के चारों तरफ बाउंड्रीवाल बनाई जाये ।
  32. यूनिफार्म भत्ता एवं प्रोटेक्टिव क्लोथिंग संबंधी अन्य भत्ते समय पर रेल्वे बोर्ड की गाईडलाईंस अनुसार ट्रेकमेनों की सेलरी में लगाई जायेगी ।
  33. ट्रेकमेनों के अन्तर रेल्वे/अन्र्तमंडल/मंडल/मंडल के अन्दर एक डिपो/ यूनिट से दूसरे डिपा/यूटिन में पारस्परिक एवं स्वयं के अनुरोध पर स्थानांतरण के आवेदन पत्र शीघ्र स्वीकृत किये जाये एवं जिनके स्थानांतरण आदेश जारी हो चुके है उन्हैं अविलम्ब रिलीव किया जाये।
  34. ट्रेकमेनों के शूज एलाउंस की बकाया राशि का शीघ्र भुगतान किया जाये ।
  35. इन्टर रेलवे, इन्टर डिवीजन स्थानान्तरण पर आने वाले सभी ट्रेकमैनों के सर्विस रिकार्ड शीघ्र मंगवाये जाये।
  36. पेट्रोलिंग की बीट तीनों मंडलों में 12 किमी. फिक्स की जाये।
  37. रेलवे ट्रेक पर कोई भी कार्य करने से पूर्व नियमानुसार ट्रेक प्रोटेक्शन अनिवार्य रूप से किया जाये।
  38. ट्रेकमेन्टेनर को डिपार्टमंेटल प्रमोशन दिया जाये।
  39. ट्रेकमेन्टेनर को टाईप-2 आवास उपलब्ध करवाया जाये एवं खंडहर आवासों का एचआरए चालू किया जाये।
  40. ट्रेकमेन्टेनर को मिलने वाली रन्जीशवश चार्जशीट को समाप्त किया जाये।
  41. डबल की-मैन किये जाये।
  42. क्लोजर आॅफ बाकी फालतु के भरी भरकम की दैनिक कार्यशैली में कोई उपयोग नहीं है बन्द की जाये।
  43. निजी कार्य में लगे ट्रेकमैनों को रेलवे कार्य में लगाया जाये।

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